उत्तर प्रदेश आगरा से बहला-फुसलाकर अपहरण और लापता ऐसा 26 किशोरियों और बालिकाओं को पुलिस ने 16 महीने के भीतर बरामद करके कोर्ट में पेश कर दिया है. लड़कियां की बरामदगी और खोजबीन के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने थाना पुलिस से लेकर सर्विलांस सेल को लगा रखा था. सर्विलांस की टीम की मदद से ही लड़कियों का पता लगाया जा सका.

80 लड़कियों की खोजबीन. जारी

एसएसपी बबलू कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, अगस्त से लेकर दिसंबर 2019 तक 141 लड़कियों को खोजा जा चुका था. इनमें अपहरण और लापता के मामले दर्ज किए गए थे. इनको बरामद करने के बाद कोर्ट में बयान दर्ज कराया गया. इस साल 11 महीने के अंदर 485 लड़कियों को बरामद किया गया. इसी तरह से 16 महीने के भीतर 626 लड़कियों को फिर बरामद किया गया है. अब लगभग 80 लड़कियों की खोजबीन लगातार चालू है . इन लड़कियों की बरामदगी के लिए पुलिस की टीम के साथ ही साथ सर्विलांस की टीम भी काम कर रही है.

 

सर्विलांस की मदद से की गई खोज

लड़कियों की खोजबीन और बरामद करने के लिए सर्विलांस सेल के सिपाही राजकुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उनके सहयोग के लिए दो सिपाही अन्य दिए गए थे. राजकुमार ने एक रजिस्टर बनाया, जिसमें वह सभी अपहृत के बारे में जानकारी रखते थे. जो जो मिल जाती हैं उनका नाम काट दिया जाता है. इसमें परिचित दोस्त और सगे संबंधियों के नाम भी रखे हैं. इन सभी के मोबाइल नंबर भी इसमें लिखे हुए हैं. उनके नंबरों को सर्विलांस की मदद से ट्रेस कर लेते हैं. सिपाही लोकेशन को पुलिस के साथ शेयर करते थे.

 

 

कड़ी मेहनत के बाद मेडल के लिए भेजा गया

सिपाही राजकुमार ने लड़कियों को बरामद करने के लिए बहुत मेहनत की है. राजकुमार की मदद से ही साल 2020 से पहले लंबित मामले निपटा लिए गए. उनकी इस मेहनत और लगन के काम के लिए उनकी काफी सराहना की जा रही है. इतना ही नहीं उनका नाम डीजी मेडल के लिए भी भेज दिया गया है .