उत्तर प्रदेश के महोबा में एक किसान के खेत में खुले बोरवेल को ना बंद कराने की भूल से उसके बेटे की जान चली गई. बुधवार के दिन खेत में खेलते खेलते 60 फीट गहरे बोरवेल में गिरे किसान के 6 वर्षीय बेटे को 20 घंटे बाद एसटीआरएफ टीम ने बाहर निकाला तब तक वह मर चुका था. एसडीआरएफ की टीम रात 12:00 बजे आई थी, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ. इससे पहले प्रशासनिक पुलिस और दमकल की टीम बच्चे को बाहर निकालने के प्रयास में लगी. हुई थी गुरुवार को करीब 8:45 बजे एसडीआरएफ की टीम ने बच्चे को बाहर निकाला. मासूम को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी मृत्यु पहले ही हो चुकी थी.

 

 

बुधवार की दोपहर बोरवेल में बच्चे के गिरने की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अगुवाई में बच्चों को बाहर निकाला गया. 6 जेसीबी, एलएनटी मशीन, पांच एंबुलेंस, अग्निशमन दस्ता बच्चे को बाहर निकालने में जुटी थी. करीब 12:00 बजे एसडीआरएफ के कमांडेंट डॉक्टर सतीश कुमार और निरीक्षक वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में टीम आई, जिसके बाद बचाओ अभियान शुरू हुआ. यह अभियान पूरी रात के बाद सुबह तक चलता रहा. बोरवेल तक पहुंचने के लिए सुरंग बनाई गई थी जिसमें पानी आ गया. इसके बाद पानी भी निकालना पड़ा इसके बाद सुबह टीम ने बच्चे को बाहर निकाल कर अस्पताल भेजा, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

 

 

बुधवार की दोपहर को बोरवेल से घनेंद्र की आवाज आ रही थी लेकिन शाम तक आवाज बंद हो गई. स्वास्थ्य विभाग की टीम बोरवेल में नली डालकर ऑक्सीजन की आपूर्ति करता रहा जिससे कि, बच्चे को सांस लेने में तकलीफ ना हो. इसके अलावा आवाज आने बिस्किट और पानी अंदर डाले गए लेकिन शाम को जब आवाज आनी बंद हो गई तो खाने के लिए दूध पानी कुछ भी नहीं डाला गया. प्रशासन को डर था कि दूध पानी डालते समय मिट्टी खिसकने का खतरा हो सकता है. तभी को लगा कि बच्चा बेहोश हो गया है. सभी बच्चे के सकुशल बाहर निकलने की प्रार्थना करते रहे.

 

कब कैसे और क्या हुआ

महोबा जिले के कुलपहाड़ इलाके में विकासखंड जयपुर के बुधवारा गांव के निवासी किसान भागीरथ कुशवाहा बुधवार को परिवार के साथ खेत पर गेहूं की फसल सिंचाई के लिए पहुंचे थे, जहां पर उनका 6 वर्षीय बेटा घनेंद्र भी साथ में गया था. सभी परिवार वाले सिंचाई को लेकर काम कर रहे थे, वही मासूम खेलते खेलते करीब 1 फीट की चौड़ाई बारे बोरवेल में गिर गया. दोपहर में करीब 1:00 बजे जब भागीरथ और उनकी पत्नी से शादी करके वापस आया तो घनेंद्र गायब था काफी खोजबीन के बाद वह बोरवेल के पास पहुंचे तो बेटे की रोने की आवाज सुनाई दी. बेटे की आवाज सुनकर वे चिल्लाने लगे.

घटना की जानकारी पाकर बेलाताल पुलिस चौकी कुलपहाड़ एसडीएम मोहम्मद वेश और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलाताल के डॉक्टर और अन्य प्रोफेसर मौके पर वहां पहुंचे. तुरंत जेसीबी से खुदाई भी शुरू हुई. सीएमओ डॉ मनोज कांत के निर्देशन में स्वास्थ्य टीम ने घनेंद्र को ऑक्सीजन भी उपलब्ध कराई. करीब 4:00 बजे बिस्कुट और दूध रखकर भेजा गया और टॉर्च की रोशनी देकर पिता ने आवाज लगाई, तो बच्चा नीचे से बोला. बोरवेल 60 फीट गहरा था, अब मिट्टी पड़ने से करीब 40 फुट की गहराई हो गई थी, डीएम सत्येंद्र कुमार ने बोरवेल के आसपास सर्च लाइ भी लगवा दी, जनरेटर का इंतजाम भी किया गया.

 

एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम करीब 8:30 बजे घटनास्थल पहुंची. यह ऑपरेशन दोपहर करीब 1:00 बजे से चल रहा था , उसके बाद रात 2:00 बजे राहत की खबर आईं. 2 से 3 फीट की खुदाई बाकी रह गई है. 15 से 20 मिनट में बच्चे के पास टीम पहुंच जाएगी. बच्चे की आवाज ना आने से सभी को लगा कि, बच्चा सो गया है. टीम ने उन्हें भरोसा दिया कि वे जल्दी ही बच्चे को निकाल लेंगे.

बच्चे को रस्सी से पहुंचाए गए बिस्कुट और दूध

खुदाई के दौरान बोरवेल में फंसे बच्चे के पास एसडीआरएफ टीम पहुंचने से पानी मिल गया, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आने लगी. पानी रोकने के बाद यहां से एल साइज के आकार की सुरंग बनाई गई. 4:00 बजे के आसपास बच्चे को दूध और बिस्किट रस्सी से पहुंचाए गए. बीच-बीच में बच्चे की आहट पानी के लिए उसके पिता बोल रहे थे. मां क्रांति अपने दो अन्य बच्चों के साथ बेहाल हो चुकी थी. सभी लोग बच्चे के सकुशल वापस आने की प्रार्थना कर रहे थे.

लाइट की व्यवस्था की गई

अंधेरा होने से पहले लाइटों का इंतजाम किया गया. डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि, बोरवेल में फंसे बच्चों को निकालने की कार्यवाही चल रही है. साथ ही मजदूरों से सफाई भी करवाई जा रही है. जल्द बच्चा सकुशल निकल आएगा. बच्चे के माता-पिता व अन्य ग्राम निवासी बच्चे के सकुशल वापस आने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे थे.

 

समयबद्ध तरीके से पूरी जानकारी

 

दोपहर 12:30 बजे बुधारा गांव निवासी किसान भागीरथ खेत पर परिवार के साथ काम कर रहे थे.

1:00 बजे के आसपास मासूम बोरवेल में जा गिरा.

करीब 1:30 बजे के आसपास मासूम के गिरने की खबर परिवार जन को मिली.

2:00 बजे के आसपास कुलपहाड़ एसडीएम पुलिस मौके पर पहुंचे.

2:10 पर लखनऊ एसडीआरएफ को सूचना पहुंची.

2:30 बजे प्रशासन ने जेसीबी मशीनें मंगवाई और खुदाई शुरू की.

2.40 बजे बच्चे को टॉर्च के माध्यम से देखकर उससे बातचीत की कोशिश की गई.

3:10 पर रेस्क्यू के लिए 20 सदस्य टीम लखनऊ से रवाना.

3.40 में बच्चे को गड्ढे में ऑक्सीजन की व्यवस्था उपलब्ध हुई.

3:45 बजे डीएम सत्येंद्र कुमार मौके पर पहुंचे.

4.10 बजे बोरवेल के आसपास लाइट की उचित व्यवस्था करवाई गई.

4.50 बजे डीएम ने लखनऊ से एसपीआरएफ टीम की लोकेशन पता करवाएं इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ.

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