लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर समीक्षा बैठक के बाद एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के नाम के साथ उसके लोगो पर भी अपनी मुहर लगा दी है. जेवर में बनने वाले एयरपोर्ट का नाम नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जेवर होगा. इसके लोगो में राज्य पक्षी सारस का अक्स है और डिजाइन लंदन, मॉस्को व मिलाने एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार किया गया है. बृहस्पतिवार को इस एयरपोर्ट के नाम, लोगो व डिजाइन पर सीएम योगी ने मुहर लगा दी है.

सीएम योगी ने कहा कि यह विश्व के बेहतरीन हवाई अड्डों में से एक होगा. सरकार इसमें कोई कमी नहीं छोड़ेगी. यह एयरपोर्ट न केवल भारत का गौरव बनेगा बल्कि इसे ‘ग्लोबल ब्रांड’ के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा. एयरपोर्ट की डिजाइन का प्रस्तुतीकरण देखते हुए सीएम योगी ने अपने आवास पर कहा कि इसका निर्माण चार चरणों में होगा. शुरुआती क्षमता 1.20 करोड़ यात्री प्रति वर्ष की होगी.  2050 तक यह क्षमता 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक कर दी जाएगी. पहले चरण में दो रनवे होंगे, जिसे बढ़ाकर पांच किया जाएगा. सीएम योगी ने कहा कि नागरिक उड्डयन बहुआयामी प्रगति का माध्यम है. एयरपोर्ट बनने से प्रदेश का औद्योगिक विकास होगा, पर्यटन में वृद्धि होगी, विनिर्माण एवं निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा. इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हवाई यातायात सुगम होगा.

प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कंसेशन एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार राज्य सरकार सहायता एग्रीमेंट की कार्यवाही 5 अप्रैल 2021 तक की जानी है. इस संबंध में कंसेशनायर यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को पत्र भेजा जा चुका है. एयरपोर्ट लिए आवश्यक 1334 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी हो गई है. पुनर्वास व विस्थापन के लिए भी 48.097 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि फिलहाल 2 रन-वे के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है.अन्य के लिए 3418 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही जल्द शुरू होगी.