रामलला

अयोध्या।  इस कड़ाके की ठण्ड से बचने के लिए जहां हम सभी लोग रजाई और आग का इस्तेमाल करते हैं. वहीं इस बार रामलला को ठण्ड से बचाने के लिए भक्तों ने रजाई व ब्लोअर का इस्तेमाल किया है. ठंड के प्रकोप से बचाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि में विराजमान रामलला को गर्म कपड़े भी पहनाए गए हैं. इसके अलावा पहली बार अस्थाई मंदिर को गर्म रखने के लिए ब्लोअर की व्यवस्था की गई है. इससे बाल स्वरूप रामलला पर ठंड का कोई असर नहीं होगा.

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भगवान श्री रामलला 28 सालों से टेंट में विराजमान थे. इस दौरान सर्दियों में रामलला को गर्म कपड़े तो मिल रहे थे, लेकिन टेंट में सुरक्षा कारणों से किसी भी प्रकार के यंत्र या अंगीठी के प्रयोग पर रोक थी. 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 25 मार्च, 2020 को श्री रामलला टेंट से निकलकर आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्थाई मंदिर में विराजमान हुए. अब यहां उन्हें ठंड से बचाने के लिए ब्लोअर लगाया गया है.

अस्‍थाई मंदिर में मिलेंगी सुविधाएं

श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि 28 सालों तक भगवान श्री रामलला विवाद होने के कारण टेंट में विराजमान थे. यहां उन्हें सिर्फ एक रजाई और दो प्रकार के कपड़े ही मिल पा रहे थे, लेकिन अब भगवान अस्‍थाई मंदिर में विराजमान हैं. यहां उन्‍हें ठंड से बचाने के लिए ब्लोअर, गद्दा, रजाई और वस्त्र के साथ सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं.